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महापौर से मिलने बंगले पहुंचे लोेग, 27 साल से पेयजल मुहैया नहीं करवाया
उज्जैन | नानाखेड़ाक्षेत्र की 25 कॉलोनियों के रहवासियों को नगर निगम 27 साल से पेयजल मुहैया नहीं करवा पा रहा है। रहवासी पीएचई की पाइप लाइन से पानी सप्लाय की मांग कर रहे हैं। रविवार को उनके सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने नानाखेड़ा से वाहन रैली निकाली जो पूरे फ्रीगंज में भ्रमण करते हुए टावर पहुंची। इसके पहले महापौर बंगले के बाहर वाहन रोके। नारे लगाए लेकिन दरवाजे नहीं खुले। इससे रहवासियों का गुस्सा और बढ़ गया। टावर पहुंचकर नगर निगम के अफसरों, जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा।
टावर पर विधायक डॉ. मोहन यादव को बुलाया। उन्होंने कहा-जनवरी तक पाइप लाइन के लिए टेंडर कराएंगे। इतना सुनने के बाद भी रहवासी संतुष्ट नहीं हुए, बोले-अब पानी के लिए आपसे दोबारा नहीं मिलेंगे। हमें आश्वासन नहीं काम चाहिए। वोट मांगने तो बार-बार आते हैं। एक मांग तक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। विधायक ने कहा-इस वक्त वोट मांगने नहीं आया हूं। ऐसे दस गांव हैं, जहां से मुझे वोट नहीं मिले लेकिन मैंने वहां जाना नहीं छोड़ा। बार-बार जाता हूं। फिर भी किसी को वोट नहीं देना है तो यह उसका अधिकार है। मैं कुछ नहीं कहना चाहता।
रही बात आपकी मांग की तो मेरा अधिकार क्षेत्र 50 लाख रुपए का है। मैं वह देने को तैयार हूं। इसके अलावा सभी प्रभावित कॉलोनी से एक-एक व्यक्ति मेरे साथ भोपाल चले। हम नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह से मुलाकात कर और फंड की मांग करेंगे।
1998 में पहली बार सड़क पर उतरे थे लोग
नानाखेड़ाक्षेत्र में पानी की मांग को लेकर रहवासियों ने 1998 में पहली बार प्रदर्शन किया था। उस दौरान इंदौर-उज्जैन हाईवे पर चक्काजाम किया था।
दिसंबर तक पानी नहीं तो काट देंगे आयुक्त का नल कनेक्शन
रहवासियोंने कहा-हमारी बात सुनने को अफसर तैयार नहीं हैं। स्वर्णिम भारत मंच के दिनेश श्रीवास्तव ने कहा-दिसंबर तक पानी नहीं मिला तो निगम आयुक्त का नल कनेक्शन काट देंगे। रहवासी बोले-विरोध करने के लिए हमारे पास भी वक्त नहीं है लेकिन टैक्स देने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है तो सड़क आने के सिवाए कोई रास्ता नहीं बचाता है।
एक नहीं दो टंकियां बनवाएंगे
नानाखेड़ाक्षेत्र ही क्यों, हम तो त्रिवेणी तक जो भी कॉलोनियां हैं, वहां तक पानी सप्लाय करना चाहते हैं। इसके लिए एक की बजाय दो टंकियां बनवाएंगे। विधायक ने यह दावा रहवासियों के सामने किया। रहवासियों का जवाब था-आप पहले हमें पानी दिलाएं। बाकी व्यवस्थाएं बाद में करवा देना। हमें बार-बार आश्वासन ही मिलता है।
ऐसे भी जताया रोष : {सिंहस्थमें शासन ने करोड़ों को पानी पिलाया, जो कबाड़ पीएचई में है, बेच देते तो उसी से नानाखेड़ा क्षेत्र में पानी पिलाया जा सकता था। {बार-बार यात्राएं िनकालने की बजाए, एक यात्रा का खर्च बचाओ और पाइप लाइन को मुख्य पाइप लाइन से जोड़ दो। पानी मिलने लगेगा। {नानाखेड़ा स्टेडियम में लाखों रुपए खर्च कर बड़े-बड़े आयोजन हो रहे हैं। एक आयोजन का खर्च बचाकर उसे पानी के लिए क्यों नहीं लगाते। {25 कॉलोनी में 50 हजार से ज्यादा वोटर हैं। चुनाव से पानी नहीं मिला तो एक वोट भी नहीं देंगे।